Pakistan Pm Shewaaj shareef: हमने लड़े तीन युद्ध, अब सबक सीख चुका है...

Pakistan Pm Shewaaj shareef: हमने लड़े तीन युद्ध, अब सबक सीख चुका है पाकिस्तान, मादी से की अपील, ‘आइए बैठकर बात करते है’

Pakistan Pm Sehwaaj Shareef

Pakistan Pm Shewaaj shareef: आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कारण एक बार फिर से शर्मसार होना पड़ रहा है। आतंक को पालने-पोसने वाला देश आज अन्न के एक-एक दाने के लिए तरस रहा है और दुनिया के सामने हाथ फैला रहा है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है लोगों को बेसिक सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही और अगर मिल भी रही है तो कीमत ज्यादा है।

Pakistan Pm Shewaaj shareef: हालत यह है कि वहां लोगों को खाने का आटा नहीं मिल पा रहा है। इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का शराफत वाला बयान सामने आया है। जबसे शरीफ पीएम बने है तब से ये पहली बार है कि वो बदले-बदले से नजर आ रहे है। उन्होंने भारत के पीएम मोदी से अपील करते हुए कहा कि “पाकिस्तान अब शांति से रहना चाहता है।” 

Pakistan Pm Shewaaj shareef: पाकिस्तान पीएम ने अल अरबिया को दिया इंटरव्यू

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अल अरबिया को दिए इंटरव्यू में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि कश्मीर समेत हर समस्या पर बातचीत के लिए तैयार होने की बात भी कही है। उन्होंने कहा कि “हमें बातचीत की मेज पर बैठकर हर मुद्दे को हल करने की कोशिश करनी चाहिए।”

Pakistan Pm Shewaaj shareef: हमने लड़े तीन युद्ध अब सीख चुके सबकशाहबाज

 भारत के साथ संबंधों को सुधारने की वकालत करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज ने कहा कि ”हम पड़ोसी हैं और यह हमारे ऊपर है कि हम शांति से रहें… प्रगति करे या फिर एक दूसरे से लड़ाई करें और समयसंसाधनों को बर्बाद करें।उन्होंने आगे कहा कि ”हम भारत के साथ तीन युद्ध लड़ चुके हैं और हर बार युद्ध पाकिस्तानी की आवाम के लिए कंगाली, गरीबी और बेरोजगारी ही लाया है। हम अपना सबक सीख चुके हैं और हम शांति से रहना चाहते हैं।

Pakistan Pm Shewaaj shareef: मोदी से की संवाद की अपील

पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने भारतीय प्रधानमंत्री मोदी से संवाद की अपील करते हुए कहा कि ”हम हमारी हर समस्या का समाधान निकालने के लिए तैयार है। आइए बैठकर बात करते है। हमने पीएं मोदी से कहा है कि “अब पाकिस्तान नहीं चाहता कि हम हमारे संसाधनों को बम और बारूद बनाने में खर्च करें।” 

शरीफ: UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद से मध्यस्थता करने की अपील

शरीफ ने युद्ध को विनाशकारी बताया और साथ ही कहा कि “हम परमाणु शक्तियां हैं, हथियारों से लैस हैं और अगर भगवान न करे कि युद्ध छिड़ जाए तो जो हुआ उसे बताने के लिए कौन जीवित रहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि “मैंने प्रेसिडेंट मोहम्मद बिन जायद से अपील की आप भारत और पाकिस्तान के बीच अहम रोल अदा कर सकते हैं।

पाकिस्तान ने लड़े है अब तक भारत सी तीन युद्ध

आपको बता दें कि पाकिस्तान ने तीन बार भारत से तीन युद्ध लड़े है और तीनों बार उसको मुंह की खानी पड़ी है। भारत और पाकिस्तान के बीच पहली जंग 1965 में हुई थी। भारतपाकिस्तान के बीच दूसरी जंग 1971 में हुई थी और इस जंग में पाकिस्तान को ऐसी शर्मनाक हार मिली थी जिससे वो आज तक नहीं उबर पाया है। पाकिस्तान को हार का दर्द अब तक साल रहा है।  71 की जंग में पाकिस्तान के दो फाड़ हो गया था। पूर्वी पाकिस्तान को तोड़कर बांग्लादेश बना दिया था। 

तीसरा युद्ध पाकिस्तान ने 1999 में कारगिल में लड़ा था। जब पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ भारत दौरे पर थे। पीएम अटल बिहारी बाजपेयी से शांति वार्ता के अंतर्गत दोनों देशों के बीच शांति वार्ता चल रही थी कि तभी पाकिस्तानी आर्मी के जरनल परवेज मुशर्रफ ने कारगिल युद्ध को अंजाम दिया था। उस दौरान नवाज शरीफ ने पाकिस्तान की आर्मी की कारगुजारी पर अनभिज्ञता जताई थी।

 इस दौरान पाकिस्तानी सैनिक सर्दियों के मौसम में चुपके से आकर कारगिल हिल, टाइगर हिल जौसी चोटियों पर आकर बैठ गए थे। जब बकरी चराने वाले वहां से गुजरे तब जाकर भारतीय आर्मी को पाकिस्तानी सेना की कारगुजारी का पता चल सका। और फिर तब शुरू हुआ ऑपरेशन विजय।

कारगिल युद्ध मे भारत को मिली विजय

26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल युद्ध में विजय हासिल की थी। 26 जनवरी को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। करीब दो महीने तक चला था कारगिल युद्ध भारतीय सेना के साहस और जांबाजी का ऐसा उदाहरण है जिस पर हर भारतीय देशवासी को गर्व होना चाहिए।

करीब 18 हजार फीट की ऊँचाई पर कारगिल में लड़ी गई इस जंग में भारत ने लगभग 527 से ज्यादा वीर योद्धाओं को खोया था वहीं 1300 से ज्यादा घायल हुए थे। युद्ध में 2700 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 250 पाकिस्तानी सैनिक जंग छोड़ के भाग गए।

 पहले तो पाकिस्तान इस युद्ध में अपने सैनिकों के होने से भी इनकार करता रहा था लेकिन बाद में उसके नेतृत्व ने माना कि यह उस समय के जनरल परवेज मुशर्रफ के दिमाग की उपज थी। मुशर्रफ को उम्मीद थी कि पाकिस्तानी सेना भारत से ये इलाका छीन लेगी लेकिन भारत के वीर जवानों ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया था।

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By Atul Sharma

बेबाक लिखती है मेरी कलम, देशद्रोहियों की लेती है अच्छे से खबर, मेरी कलम ही मेरी पहचान है।

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