Covid-19: दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज बोले, हमने दिल्ली में स्टार्ट की RTPCR टेस्टिंग

Covid-19: कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच देश के सभी राज्य अलर्ट मोड पर आ गए हैं। इसी कड़ी में दिल्ली में एक बार फिर आरटी-पीसीआर के जरिए टेस्टिंग शुरू कर दी गई है।

Covid-19: कोविड स्थिति पर जानकारी देते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि, “दिल्ली में हमने RTPCR टेस्टिंग शुरू कर दी है और रोज लगभग 250 से 400 तक RTPCR टेस्ट हो रहे हैं।

Covid-19: कल की रिपोर्ट में 2 पॉजिटिव मामले सामने आए थे। अभी 4-5 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। अभी किसी की मृत्यु की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है।” स्वास्थ मंत्री ने बताया है कि पॉजिटिविटी रेट 1% से भी कम है। जो मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं उनके सैंपल जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं। दिल्ली में कोरोना के जितने भी मामले सामने आ रहे हैं उनके सैंपल जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जा रहे हैं।

दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज क्या बोले?

Covid-19: स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस का ही दिल्ली में भी पालन किया जा रहा है। केंद्र का मानना है कि कोई भी राज्य ऐसा कदम न उठाए जिससे देश में पैनिक की स्तिथि क्रिएट हो। इसलिए दिल्ली सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

व्यवस्था मजबूत करने के लिए अस्पतालों में मॉक ड्रिल भी करवा ली गई है। मुझे लगता है कि नया वेरिएंट सीरियस नहीं है, अगर उस वेरिएंट से कोई संक्रमित भी होता है तो चिंता की बात नहीं है।

तेजी से फैल रहा नया वैरिएंट

Covid-19: विशेषज्ञों का कहना है कि अन्य वैरिएंट्स की अपेक्षा जेएन.1 सब-वैरिएंट तेजी से फैलता है। ऐसे में आशंका है कि क्रिसमस और नए साल के कारण जनवरी के पहले सप्ताह में उछाल दिखाई देगा जो तीन हफ्ते तक दिख सकता है। इससे पहले कोरोना के मामले कम होने की उम्मीद नहीं है। इसका कारण है कि इस वैरिएंट में एक एक्स्ट्रा म्यूटेशन है और इस कारण यह मजबूत इम्यूनिटी और वैक्सीनेटेड लोगों को भी आसानी से संक्रमित करता है।

एक्सपर्ट्स ने जब डेटा देखा तो उन्होंने कहा, 2020 से 2022 और पिछले पांच हफ्तों को देखकर कहा जा सकता है कि जनवरी के महीने में कोरोना के मामलों में वृद्धि देखी जाती है। 2022 में भी ओमिक्रॉन के कारण दिसंबर और जनवरी में मामले बढ़े थे और फरवरी में कम होने लगे थे।

जेएन.1 सब-वैरिएंट के लक्षण

Covid-19: एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कोविड-19 के अलग-अलग वैरिएंट के कारण लक्षणों में हल्के बदलाव दिख सकते हैं क्योंकि लोगों को वैक्सीन लग चुकी हैं। ऐसे में हर बॉडी और उसकी इम्यूनिटी के आधार पर लोगों में अलग-अलग लक्षण नजर आ सकते हैं।

सीडीसी ने 8 दिसंबर को जेएन.1 स्ट्रेन पर चर्चा करते हुए एक रिपोर्ट में कहा था, JN.1 के लक्षण कितने गंभीर पर हैं, यह बात व्यक्ति की इम्यूनिटी और ओवरऑल हेल्थ पर डिपेंड करती है।

Written By: Vineet Attri

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By Nyasha Jain