Maratha Reservation: मराठा आरक्षण को लेकर मुंबई-पुणे हाईवे जाम, राज्य सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

Maratha Reservation: मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर जारी आंदोलन को सोमवार को हिंसा और आगजनी ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने तीन विधायकों के घरों और कार्यालयों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी तथा एक नगरपालिका भवन को फूंकने के साथ सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

Maratha Reservation:  एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, जिले में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 (2) के तहत कर्फ्यू लगाया गया है और अगले आदेश तक कर्फ्यू जारी रहेगा। इसमें कहा गया है कि यह आदेश जिले में स्कूल, कॉलेज और दुकानों पर लागू रहेगा। हालांकि, दवा और दूध की दुकानों, सरकारी कार्यालयों, बैंकों, सार्वजनिक परिवहन सेवाओं, अस्पतालों और मीडिया को इससे छूट दी गयी है।

एनसीपी के दो विधायकों के घरों में आग

Maratha Reservation: अधिकारियों ने बताया कि एनसीपी के दो विधायकों के घरों में आग लगा दी गयी जबकि सत्तारूढ़ भाजपा के एक विधायक के कार्यालय में प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की। उन्होंने बताया कि कोई हताहत नहीं हुआ। हिंसा और आगजनी की घटनाएं बीड और छत्रपति संभाजीनगर जिलों में हुईं, जबकि मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे आरक्षण की मांग के समर्थन में जालना जिले के एक गांव में अपना आमरण अनशन जारी रखे हुए हैं। उनकी हालत उपवास के आठवें दिन बिगड़ गयी। वह मंच पर गिर गये। वहां मौजूद लोगों ने उनकी सहायता की।

राज्य सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

Maratha Reservation: मुंबई-पुणे एक्सप्रेस पर 6 किमी जाम लग गया। इन शहरों में आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। बीड और माजलगांव के बाद मंगलवार को जालना के पंचायत बॉडी ऑफिस में आग लगा दी गई। इसके पहले उमरगा कस्बे के नजदीक तुरोरी गांव में भी सोमवार देर रात आगजनी हुई। तुरोरी में प्रदर्शनकारियों ने कर्नाटक डिपो की एक बस में आग लगा दी थी। राज्य सरकार ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है।

आंदोलन क्या है कारण?

Maratha Reservation: पिछले 4 दशक से महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार ने ओबीसी के तहत मराठाओं को 2018 में 16% आरक्षण दिया था। इससे राज्य में कुल आरक्षण 50% की सीमा को पार कर गया। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने मई 2021 में मराठा आरक्षण रद्द कर दिया था। इसके बाद मराठा नेताओं ने मांग की कि उनके समुदाय को ‘कुनबी’ जाति के प्रमाणपत्र दिए जाएं। मौजूदा सरकार ने मराठा समुदाय के कुछ लोगों को कुनबी प्रमाणपत्र देने का फैसला कर लिया है। मंगलवार को शिंदे सरकार 11 हजार कुनबी सर्टिफिकेट दे सकती है।

मुख्यमंत्री शिंदे ने सितंबर में घोषणा की कि कैबिनेट ने मराठवाड़ा के मराठों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र देने का संकल्प लिया है। इसके लिए गठित पैनल ने दो महीने का समय मांगा। शिंदे की समय समय सीमा 24 अक्टूबर को पूरी हो गई। जारांगे पाटिल ने 14 अक्टूबर को जालना जिले में एक विशाल रैली में कहा कि 24 अक्टूबर के बाद या तो मेरा अंतिम संस्कार जुलूस होगा या समुदाय की जीत का जश्न होगा। इसके बाद से ही प्रदर्शन शुरू हो गए।

अब तक कितना नुकसान हुआ?

Maratha Reservation: राज्य में दो दिन से हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। आंदोलनकारियों ने सोमवार को NCP के 2 विधायकों के घरों में आग लगा दी। राज्य परिवहन निगम की 13 बसों में तोड़फोड़ की गई है। इसके चलते 250 में से 30 डिपो बंद करने पड़े हैं। पथराव के बाद पुणे-बीड बस सेवा बंद कर दी गई है। सोमवार रात को करीब एक हजार लोग बीड डिपो में घुस गए और 60 से ज्यादा बसों में तोड़फोड़ की।

Written By: Vineet Attri 

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By Nyasha Jain