Agniveer: दुश्मनों से हमें हार स्वीकार नहीं, जीतना पड़ेगा

train fire

Agniveer: एक साल से ज्यादा से डिफेंस एकेडमी में बच्चे अपनी लिखित परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। उनके माता-पिता कैसे- कैसे पैसे इकट्ठे करके उनकी फीस भर रहे थे इतना सारा पैसा उनका लग चुका और अंत में क्या हुआ उनकी परीक्षा को रद्द कर दिया गया। इसी कारण युवाओं ने आत्महत्या जैसा गलत कदम उठाया। वहीं विपक्षी पार्टियां भी युवा प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रही हैं।

दुश्मनों से हमें हार स्वीकार नहीं, जीतना पड़ेगा

लेफ्टिनेंट जनरल शंकर प्रसाद ने कहा कि केंद्र सरकार भले ही इस योजना को पैसा बचाने के लिए लेकर आई हो, लेकिन इससे देश की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। हम युद्ध के लिए फौज तैयार करते हैं, जिससे युद्ध जीत सकें। युद्ध में हम रनर अप नहीं बन सकते हमें विनर बनना पड़ेगा, तभी हम देश की सुरक्षा कर सकते हैं।

आपको बता दें कि केंद्र की अग्निपथ भर्ती योजना के खिलाफ लगातार तीसरे दिन देशभर में विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है। बिहार से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान समेत कई राज्यों तक पहुंच चुका है। शुक्रवार को सुबह से ही युवा प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं। कहीं ट्रेन रोककर फूंका जा रहा है, तो कहीं सड़कों को जाम किया रहा है। कई जगहों पर पुलिस को इन प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए लाठचार्ज करना पड़ा है। वहीं विपक्षी दल भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रही हैं।

लेखक दीपक सिंह आजाद (नेशनल यूथ आईकॉन अवॉर्ड विजेता)
लेखक दीपक सिंह आजाद (नेशनल यूथ आईकॉन अवॉर्ड विजेता)

Agniveer: अग्निपथ योजना के लागू होने के साथ ही पुरानी सारी भर्तियों को रद्द कर दिया गया। जिनका मेडिकल और फिजिकल हो चुका था, उनकी लिखित परीक्षा रद्द कर दी गई जिसके चलते लिखित परीक्षा के रद्द होने से अब तक 100 से ज्यादा युवाओं ने आत्महत्या करके अपना जीवन त्याग दिया। उन सभी का सपना टूट गया, न जाने कैसे करके उनके घर वालों ने पैसे इकट्ठे कर अपने बच्चों को भर्ती दिखाई थी।

– लेखक दीपक सिंह आजाद (नेशनल यूथ आईकॉन अवॉर्ड विजेता)

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By Rohit Attri

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