उत्तर प्रदेश: राज्यसभा जायेंगे जयंत चौधरी, डिम्पल यादव आजमगढ़ से लड़ेंगी उप-चुना..

उत्तर प्रदेश: राज्यसभा जायेंगे जयंत चौधरी, डिम्पल यादव आजमगढ़ से लड़ेंगी उप-चुनाव?

jayant chaudhary and dimpal yadav

उत्तर प्रदेश: राज्यसभा सीटों के चुनाव को लेकर यूपी की सियासत में हलचल मची हुई है। 24 मई से राज्यसभा प्रत्याशियों के नामाकंन होना शुरू हो गये हैं। बुधवार को सपा प्रत्याशी कपिल सिब्बल व जावेद अली ने अपना पर्चा दाखिल कर दिया, नामांकन के दौरान अखिलेश यादव भी मौजूद रहे। लेकिन बृहस्पतिवार सुबह सपा ने अपने तीसरे प्रत्याशी का नाम घोषित करते हुए अपने ट्वीटर पर लिखा कि श्री जयंत चौधरी जी समाजवादी पार्टी एवं राष्ट्रीय लोकदल से राज्य सभा के संयुक्त प्रत्याशी होंगे।

राज्यसभा प्रत्याशी से डिम्पल यादव का क्यों हटा नाम?

 डिम्पल यादव का नाम सपा के तीसरे राज्यसभा प्रत्याशी के लिए लगभग तय सा ही हो चुका था, लेकिन जैसे ही ये बात राष्ट्रीय लोकदल के खेमे में पहुंची तो उनको ये बात रास नहीं आई और सियासत गर्म होने लगी सोशल मीडिया व अन्य तमाम माध्यमों से आवाज उठी कि जयंत चौधरी के साथ धोखा हुआ है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए समाजवादी पार्टी ने तमाम अटकलों को विराम लगाते हुए एक बड़ा फैसला लिया और जयंत चौधरी को आरएलडी और समाजवादी पार्टी के गठबंधन का संयुक्त उम्मीदवार बनाने का ऐलान कर दिया, इससे साफ हो गया कि अब डिंपल यादव राज्यसभा नहीं जा रहीं। डिम्पल यादव आजमगढ़ सीट पर होने वाला लोकसभा उपचुनाव लड़ सकती हैं।

सपा की कितनी राज्यसभा सीट सुरक्षित कितनी पर संघर्ष

उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें 401 विधायक फिलहाल हैं अभी 2 शीट रिक्त हैं। भाजपा गठबंधन का 273 शीटों पर कब्जा है, तो वहीं सपा का सपा पर 125 विधायक हैं। 1 राज्यसभा सदस्य चुनने के लिए 36 विधानसभा सदस्य चाहिए इस हिसाब से भाजपा को 7 राज्यसभा सीटें हासिल करने में कोई परेशानी नहीं होगी। तो वहीं सपा 3 सीटें सुगमता से जीत सकती है, लेकिन  सदस्य कम होने की वजह से सपा को चौथी सीट जीतने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।

उत्तर प्रदेश: आपको बता दें कि राज्यसभा की 11 सीटों के लिए 24 मई से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है, समाजवादी पार्टी अभी तीन लोगों को राज्यसभा भेजने की स्थिति में है। जिनमें कपिल सिब्बल, जावेद अली और जयंत चौधरी का नाम फाइनल हो चुके हैं। अभी वर्तमान में सपा के 5 राज्यसभा सदस्य हैं, जिसमें कुंवर रेवती रमन सिंह, विशंभर प्रसाद निषाद और चौधरी सुखराम सिंह यादव का कार्यकाल 4 जुलाई को खत्म हो रहा है।

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By Rohit Attri

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