school New rule: अब स्कूल के नाम पर गुलछर्रे नहीं उड़ा सकेंगे बच्चे,

school New rule: अब स्कूल के नाम पर गुलछर्रे नहीं उड़ा सकेंगे बच्चे, योगी ने लिया कड़ा फ़ैसला

school New rule

school New rule: उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूल छात्रों के लिए एक अहम और कड़ा फैसला लिया है। यह फैसला पढ़ने वाले छात्रों के लिए तो बेहद अच्छा है लेकिन उन छात्रों के लिए तो ये अब सजा ही बन गया है।

school New rule: जो कि स्कूल कॉलेज के बहाने अपने माता पिता को बेवकूफ बना कर मॉल, रेस्त्रां, और पार्क में घूमने जाते थे। क्योंकि आज के समय में कुछ छात्रों के लिए स्कूल पढ़ने के लिए कम घूमने का जरिया ज्यादा बन गया है।

school New rule: आपको बता दें कि अब छात्र स्कूल ड्रेस में पार्क, मॉल, रेस्त्रां, में जाने नहीं दिया जायेगा योगी सरकार के इस आदेश का तत्काल पालन कराने के लिए योगी के साथ साथ प्रशासन भी काफी टाइट है।

उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी द्वारा प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आयोग के संज्ञान में आया है कि विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं स्कूल टाइम में स्कूल व जाकर सार्वजनिक स्थानों, पार्क, मॉल और रेस्टोरेंट में जा रहे हैं।

ऐसी परिस्थितियों में अप्रिय घटना होने की संभावना रहती है और ऐसे में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर कहा गया है कि अपने-अपने जिलों के सार्वजनिक स्थानों पर विद्यालय समय में छात्र-छात्राओं का विद्यालय यूनीफार्म में प्रवेश न दिया जाए।

जिससे इस तरह की घटनाओं को पर लगाम लगेंगी इसलिए बाल संरक्षण आयोग का आदेश है कि किसी भी सार्वजनिक स्थान पर ड्रैस पहले स्टूडेंट्स को प्रवेश नहीं दी जाए।

इसके साथ ही नियम को फॉलो न करने वालों पर सख्त से सख्त कार्यवाही भी की जाएगी, आयोग से सभी जिलाधिकारियों को भेजे गये लेटर में कहा गया है कि यदि किसी भी मॅाल य रेस्टोरेंट में स्टूडेंट्स ड्रैस में कोई पकड़ा गया तो संबंधित थाना क्षेत्र के थानाअध्यक्ष की जिम्मेदारी होगी।

इसलिए आदेशों को अभी से पालन करने के लिए कहा गया है। पत्र में साफ किया गया है कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पास बच्चों के अधिकारों को लेकर खुद से कार्यवाही करने का अधिकार प्राप्त है।

वहीं यदि बाल अधिकारों का कहीं उल्लंघन होता है तो वह स्वत: संज्ञान लेकर भी उचित कार्यवाही कर सकता है. उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग का गठन बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम-2005 के प्रावधानों के तहत किया गया है।

उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले से न सिर्फ पढ़ने वाले बच्चे बल्कि मां बाप भी इससे कहीं न कहीं बहुत ही खुश होंगे क्योंकि कई माता पिता इस चीज से काफी परेशान रहते हैं कि वह अपने बच्चों को पढ़ने के लिए तो स्कूल भेजते हैं लेकिन उनकी शिकायत किसी दुकान या बाजार से मार पिटाई की आती है, शायद अब इससे मां बाप को छुटकारा मिलेगा।

गौरतलब है कि गरीब माता पिता जो कि दिन भर मजदूरी करके न जाने कितनी परेशानियां झेल कर शाम को घर वापिस आता है कि खुद जिस दौर से गुजर रहें हैं। इस दौर का सामना उनके बच्चों को न करना पड़े लेकिन कुछ बच्चे इस पर गौर न करके अपनी मौज मस्ती में रहते हैं।

और स्कूल के बहाने मूवी देखने दोस्तों के साथ मॉल घूमने में सबकुछ गवा देते हैं अपने साथ साथ अपने मां बाप के मेहनत की कमाई भी।
लेकिन अब शायद योगी के इस फैसले के बाद मां बाप को इन परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।

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By Kajal Singh

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